स्वागत है शायरी कॉर्नर में – जहाँ धुएँ और शब्दों का सुंदर मेल होता है 🌹🚬
Thepoetryread पर आपका स्वागत है, जहाँ हम भावनाओं से जुड़ी शायरी और दिल को छू लेने वाली पंक्तियाँ साझा करते हैं। अगर आप दिल की खामोशी, अकेलेपन और रात की सोच को शब्दों में महसूस करना चाहते हैं, तो यहाँ आपको cigarette shayari in hindi से जुड़ी भावनात्मक पंक्तियाँ पढ़ने को मिलेंगी। 🚬✨ आजकल लोग अपनी भावनाएँ सीधे कहने के बजाय शायरी के माध्यम से व्यक्त करना पसंद करते हैं, इसलिए ऐसी शायरी सोशल मीडिया स्टेटस, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम कैप्शन में भी काफी लोकप्रिय हो गई है।
Cigarette Shayari in Hindi
सिगरेट का धुआँ भी अजीब कहानी सुनाता है,
हर कश में कोई अधूरा सपना याद दिलाता है,
लोग कहते हैं ये बस आदत बन जाती है,
पर सच तो ये है कि ये दिल का दर्द छुपाता है।
रात की खामोशी में सिगरेट जलती जाती है,
दिल की हर बात धुएँ में ढलती जाती है,
तू दूर सही मगर यादें पास रहती हैं,
हर कश के साथ तेरी कमी खलती जाती है।
सिगरेट की राख जमीन पर गिरती जाती है,
दिल की कहानी चुपचाप बिखरती जाती है,
लोग समझते हैं बस यूँ ही पी लेते हैं,
पर हर कश में एक याद सुलगती जाती है।
सिगरेट का धुआँ आसमान में खो जाता है,
दिल का दर्द मगर दिल में ही रह जाता है,
लोग पूछते हैं क्यों पीते हो इतनी सिगरेट,
क्या बताऊँ हर कश में तेरा नाम आ जाता है।
रात लंबी हो तो सिगरेट भी साथ निभाती है,
तन्हाई में चुपचाप दिल को समझाती है,
लोग कहते हैं ये सिर्फ आदत है हमारी,
पर ये तो तेरी यादों की परछाई बन जाती है।
सिगरेट की लौ छोटी मगर कहानी बड़ी है,
हर कश में छुपी एक अधूरी घड़ी है,
दिल को सुकून तो मिलता नहीं इससे,
बस यादों की आग थोड़ी देर के लिए थमी है।
जब भी तन्हाई दिल को सताती है,
सिगरेट खुद-ब-खुद हाथ में आ जाती है,
धुआँ उड़ जाता है हवा के साथ मगर,
याद तेरी दिल में रह जाती है
सिगरेट के धुएँ में अक्सर सुकून ढूँढ लेते हैं,
अपने टूटे हुए ख्वाबों को चुन लेते हैं,
लोग कहते हैं ये सेहत खराब करती है,
पर हम इससे यादों का बोझ हल्का कर लेते हैं
सिगरेट की हर कश दिल को जलाती है,
तेरी याद फिर से पास बुलाती है,
धुआँ उड़ जाता है कुछ पल के बाद मगर,
तन्हाई फिर भी साथ रह जाती है
सिगरेट जलती है तो रात कट जाती है,
याद तेरी दिल में उतर जाती है,
लोग समझते हैं बस यूँ ही पी लेते हैं,
पर हर कश में कहानी छुप जाती है।
सिगरेट का धुआँ जब हवा में उड़ जाता है,
दिल का दर्द और गहरा हो जाता है,
कहने को तो ये बस एक छोटी सी चीज है,
पर हर कश में दिल रो जाता है।
सिगरेट जलती रही और रात गुजरती रही,
तेरी याद दिल में उतरती रही,
धुआँ आसमान में खोता रहा मगर,
तन्हाई दिल में ठहरती रही।
सिगरेट की राख भी कहानी कह जाती है,
हर गिरती चिंगारी याद दिला जाती है,
किसी को आदत लगती है ये बस,
पर दिल की तन्हाई बता जाती है।
सिगरेट का धुआँ आँखों में उतर जाता है,
दिल का दर्द फिर से उभर जाता है,
लोग कहते हैं भूल जाओ उसे,
पर हर कश में उसका नाम आ जाता है।
सिगरेट और रात का रिश्ता पुराना है,
दोनों का साथ बड़ा दीवाना है,
जब दिल में दर्द ज्यादा हो जाता है,
तब यही तन्हाई का ठिकाना है।
सिगरेट का धुआँ दिल को बहलाता है,
तन्हाई का हर राज बताता है,
कुछ पल को सुकून दे जाता है मगर,
फिर वही दर्द लौटा लाता है।
सिगरेट जलती है और दिल जलता है,
धुआँ उड़ता है और ख्वाब पलता है,
लोग समझते हैं बस शौक है ये,
पर इसमें दर्द भी छुपा रहता है।
रात की तन्हाई में सिगरेट मुस्काती है,
दिल की हर बात सुन जाती है,
जो किसी से कह नहीं पाते हम,
वो धुएँ में बदल जाती है।
सिगरेट की हर कश याद दिलाती है,
दिल की खामोशी समझाती है,
कुछ बातें शब्दों में नहीं आती,
ये धुआँ ही उन्हें बताती है।
सिगरेट का धुआँ जब उड़ जाता है,
दिल का दर्द फिर लौट आता है,
कुछ लोग समझ नहीं पाते मगर,
ये दिल को थोड़ा बहला जाता है।
सिगरेट का धुआँ फिर आसमान में खो गया,
दिल का दर्द आज फिर से रो गया,
किसी ने पूछा क्यों पीते हो इतनी सिगरेट,
हम हँस दिए और दर्द फिर सो गया।
रात की तन्हाई में सिगरेट जलती रहती है,
दिल की कहानी चुपचाप कहती रहती है,
लोग समझते हैं ये बस आदत है हमारी,
पर ये तेरी याद में बहती रहती है।
सिगरेट की राख जब जमीन पर गिरती है,
दिल की खामोशी और गहरी होती है,
जो बातें किसी से कह नहीं पाते हम,
वो धुएँ में बदलकर उड़ती है।
सिगरेट की हर कश में यादें आती हैं,
बीती हुई रातें फिर सताती हैं,
धुआँ भले ही हवा में उड़ जाता है,
पर यादें दिल में रह जाती हैं।
सिगरेट जलती रही और रात ढलती रही,
दिल की कहानी चुपचाप चलती रही,
धुआँ आसमान में खोता रहा मगर,
तेरी याद दिल में पलती रही।
सिगरेट का धुआँ भी अजीब असर करता है,
दिल को थोड़ा सा बेखबर करता है,
कुछ पल के लिए सुकून दे जाता है,
फिर वही दर्द दोबारा घर करता है।
जब दिल बहुत उदास हो जाता है,
सिगरेट का धुआँ पास आ जाता है,
कुछ पल के लिए सुकून देता है मगर,
फिर वही दर्द याद आ जाता है।
सिगरेट की लौ छोटी सही,
पर कहानी बड़ी बन जाती है,
जब दिल में तेरी याद आए,
हर कश यादों से भर जाती है।
सिगरेट के धुएँ में खो जाता हूँ,
तेरी यादों में सो जाता हूँ,
लोग कहते हैं छोड़ दो इसे,
पर मैं हर रात रो जाता हूँ।
सिगरेट जलती है तो खामोशी बढ़ जाती है,
दिल की हर धड़कन सुनाई देती है,
कुछ लोग समझ नहीं पाते मगर,
यादें हर कश में समाई रहती हैं।
सिगरेट का धुआँ जब हवा में उड़ता है,
दिल का दर्द फिर से जुड़ता है,
जो बातें भूलना चाहते हैं हम,
वही याद बनकर उभरता है।
सिगरेट की राख भी कहानी कहती है,
हर चिंगारी दिल की बात कहती है,
कुछ दर्द ऐसे होते हैं दुनिया में,
जो सिर्फ तन्हाई सहती है।
रात गहरी हो तो सिगरेट साथ निभाती है,
दिल की हर धड़कन समझाती है,
जो दर्द किसी से कह नहीं पाते,
वो धुएँ में बदल जाती है।
सिगरेट की हर कश दिल को छू जाती है,
तेरी याद फिर से आ जाती है,
धुआँ उड़ जाता है कुछ पल में मगर,
तन्हाई वहीं रह जाती है।
सिगरेट का धुआँ आँखों को भिगो जाता है,
दिल का दर्द फिर से जगा जाता है,
जो भूलना चाहते हैं हम अक्सर,
वही याद बनकर आ जाता है।
सिगरेट की लौ में रात गुजर जाती है,
याद तेरी दिल में ठहर जाती है,
धुआँ उड़ जाता है हवा के साथ मगर,
तन्हाई वहीं रह जाती है।
सिगरेट जलती है और दिल सुलगता है,
धुआँ उड़ता है और दर्द पिघलता है,
लोग कहते हैं छोड़ दो इसे,
पर हर कश में नाम निकलता है।
सिगरेट का धुआँ आसमान में जाता है,
दिल का दर्द वहीं रह जाता है,
कुछ लोग समझ नहीं पाते मगर,
हर कश में नाम आ जाता है।
सिगरेट की राख गिरती रहती है,
याद तेरी मिलती रहती है,
धुआँ उड़ जाता है कुछ देर में,
पर तन्हाई दिल में बसती रहती है।
सिगरेट का धुआँ भी दोस्त बन जाता है,
जब कोई अपना दूर चला जाता है,
कुछ पल के लिए दिल बहल जाता है,
फिर वही दर्द लौट आता है।
सिगरेट की हर कश कहानी बन जाती है,
तन्हाई दिल की जुबानी बन जाती है,
जो दर्द किसी को दिखता नहीं,
वही जिंदगी की निशानी बन जाती है।
सिगरेट का धुआँ याद दिलाता है,
दिल का दर्द फिर जगाता है,
कुछ पल के लिए सुकून देता है मगर,
फिर वही ग़म लौट आता है।
सिगरेट जलती रही और दिल रोता रहा,
धुआँ उड़ता रहा और दर्द होता रहा,
किसी ने पूछा क्यों पीते हो इसे,
हम हँसते रहे और दिल खोता रहा।
सिगरेट की हर कश में रात ढलती है,
दिल की हर याद मचलती है,
धुआँ उड़ जाता है हवा के साथ मगर,
तन्हाई फिर भी पलती है।
सिगरेट का धुआँ जब फैल जाता है,
दिल का दर्द भी निकल जाता है,
कुछ पल के लिए हल्का लगता है,
फिर वही दर्द लौट आता है।
सिगरेट की लौ छोटी सही मगर,
दिल का दर्द बड़ा होता है,
धुआँ उड़ जाता है कुछ पल में,
पर ग़म वहीं खड़ा होता है।
सिगरेट की राख गिरती जाती है,
याद तेरी आती जाती है,
धुआँ भले ही उड़ जाए मगर,
तन्हाई रह जाती है।
सिगरेट का धुआँ जब उड़ जाता है,
दिल का दर्द फिर लौट आता है,
कुछ यादें ऐसी होती हैं,
जो हर कश में समा जाता है।
सिगरेट की हर कश रात बढ़ाती है,
दिल की धड़कन समझाती है,
जो दर्द शब्दों में नहीं आता,
वो धुआँ बता जाती है।
सिगरेट की राख भी बोलती है,
हर चिंगारी राज खोलती है,
कुछ दर्द ऐसे होते हैं,
जो तन्हाई ही तोलती है।




