The Poetry Read पर आपका दिल से स्वागत है। यहाँ हम आपके जज़्बातों को सरल और सच्चे शब्दों में पिरोते हैं। अगर आपने कभी किसी अपने से चोट खाई है, तो हमारा यह मंच आपके लिए है। हमारे ब्लॉग में आपको विश्वास पर धोखा शायरी मिलेगी, जो टूटे हुए भरोसे के दर्द को बेहद संवेदनशील तरीके से बयां करती है। हम समझते हैं कि जब विश्वास टूटता है तो इंसान अंदर से हिल जाता है, इसलिए यहाँ साझा की गई हर रचना सच्चे अनुभवों और गहरी भावनाओं पर आधारित है। 💔
विश्वास पर धोखा शायरी
जिसे दिल की हर बात बताई थी,
उसी ने मेरी ही बात उड़ाई थी,
अब किस पर भरोसा करूँ मैं,
जब अपनी ही परछाई पर पराई थी।
तेरे वादों की कसम खाई थी तूने,
हर खुशी में साथ निभाई थी तूने,
पर सच सामने आया जब,
तो मेरे विश्वास की कीमत लगाई थी तूने।
रिश्ता सच्चा था मेरी तरफ से,
झूठा था शायद तेरी तरफ से,
मैंने तो भरोसा निभाया उम्र भर,
पर तूने तोड़ दिया एक ही पल में सब कुछ।
दिल ने तुझ पर ऐतबार किया,
हर शक को खुद से दूर किया,
तूने साबित कर दिया आखिर,
कि सच्चा दिल ही सबसे ज्यादा मजबूर किया।
जब अपना ही खेल खेल जाए,
तो इंसान किसे अपना बताए,
विश्वास की राख से उठकर भी,
दिल फिर किसी पर भरोसा ना कर पाए।
तेरी मुस्कान में सच्चाई समझी थी,
तेरी बातों में गहराई समझी थी,
पर अब जाना कि वो सब दिखावा था,
मैंने ही उसे सच्चाई समझी थी।
भरोसा किया था तुझ पर हद से ज्यादा,
शायद यही मेरी सबसे बड़ी खता था,
तूने तो बस मौका देखा और बदल गया,
और मैं आज भी वहीं खड़ा था।
तूने कहा था कभी रुलाऊँगा नहीं,
मेरे विश्वास को कभी झुकाऊँगा नहीं,
आज वही आँसू गवाह हैं,
कि तूने वादा निभाया नहीं।
झूठ का सहारा लेकर जी लिया तूने,
मेरे भरोसे को तोड़कर हँस लिया तूने,
पर याद रख, एक दिन तुझे भी,
किसी अपने से धोखा मिलेगा जरूर।
मैंने रिश्ते को दिल से निभाया,
तूने उसे खेल समझकर भुलाया,
अब ना शिकायत है ना गिला,
बस विश्वास ने ही साथ छोड़ा साया।
तूने मेरी खामोशी को कमजोरी समझा,
मेरे भरोसे को मजबूरी समझा,
काश तू समझ पाता कभी,
कि सच्चा दिल ही सबसे बड़ी मजबूती समझा।
विश्वास की राह पर साथ चला था तू,
हर मुश्किल में मेरा सहारा बना था तू,
फिर क्यों मोड़ पर छोड़ गया,
जब सबसे ज्यादा जरूरत था तू।
दिल को तेरे नाम कर दिया था,
हर सपना तेरे संग जिया था,
पर तूने एक झूठ से सब मिटा दिया,
जो मैंने बरसों में सींचा था।
अपनों से ही चोट मिलती है अक्सर,
गैर तो बस नाम के होते हैं अक्सर,
विश्वास जब टूटता है अपने से,
तो घाव गहरे होते हैं अक्सर।
तेरे हर शब्द पर यकीन किया,
अपने हर डर को दफन किया,
तूने बदले में जो दिया,
वो बस एक तन्हा सा गम दिया।
तूने मेरा दिल नहीं, मेरा भरोसा तोड़ा है,
सपनों का हर एक कोना छोड़ा है,
अब जो भी पास आता है,
दिल ने हर दरवाज़ा थोड़ा-थोड़ा बंद कर लिया है।
सच्चाई की राह पर चला था मैं,
तेरे साथ हर पल खड़ा था मैं,
पर तूने ही पीछे से वार किया,
जिसे अपना समझा वही बड़ा था मैं।
रिश्ते विश्वास से बनते हैं,
और विश्वास से ही चलते हैं,
जब वही टूट जाए अचानक,
तो लोग अंदर से बदलते हैं।
तूने भरोसे को तोड़ दिया यूँ,
जैसे वो कोई खिलौना था,
पर मेरे लिए वही रिश्ता,
मेरे जीने का बहाना था।
अब ना किसी से वादा करता हूँ,
ना किसी पर जल्दी भरोसा करता हूँ,
क्योंकि एक बार जो दिल टूटा,
वो फिर वैसा नहीं रहता हूँ।
तेरे हर झूठ को मैंने सच मान लिया,
तेरी हर खामोशी को जवाब मान लिया,
गलती मेरी थी जो तुझ पर यकीन किया,
तूने तो मेरे भरोसे को ही खेल मान लिया।
जिस दिन तेरा असली चेहरा सामने आया,
उस दिन मैंने खुद को बहुत समझाया,
कि हर मुस्कुराता चेहरा अपना नहीं होता,
और हर मीठा लहजा सच्चा नहीं होता।
मैंने रिश्ते को दिल से सींचा था,
हर दर्द में तुझे ही खींचा था,
तूने मौका मिलते ही छोड़ दिया साथ,
शायद मेरा भरोसा ही सबसे सस्ता था।
भरोसा किया था तुझ पर बिना शर्त के,
साथ निभाया था हर दर्द और हर मर्ज़ के,
पर तूने एक पल में सब बदल दिया,
जैसे हम कभी थे ही नहीं इस रिश्ते के।
तेरे बदलते रंगों को समझ ना पाया,
हर बार तुझे ही सही ठहराया,
जब सच सामने आया आखिर,
तो खुद को ही दोषी पाया।
विश्वास की डोरी बड़ी नाज़ुक थी,
हमारी कहानी भी बहुत मासूम थी,
पर तेरे एक फैसले ने सब खत्म किया,
अब बस यादों की धुंध सी बाकी थी।
तूने कहा था हमेशा साथ रहेंगे,
हर हाल में एक-दूसरे के संग रहेंगे,
आज वही बातें याद बनकर रह गईं,
और हम अलग रास्तों पर चल दिए।
मैंने तुझे अपनी आदत बना लिया था,
हर खुशी में तेरा नाम सजा लिया था,
पर तूने तो मुझे बस वक्त का हिस्सा समझा,
और वक्त के साथ ही भुला दिया था।
जिस भरोसे पर खड़ा था ये रिश्ता,
वही सबसे पहले टूट गया,
बाकी तो बस नाम के धागे थे,
जो धीरे-धीरे छूट गया।
अब किसी की कसमों पर भरोसा नहीं,
किसी के वादों में वो जादू नहीं,
क्योंकि जिसने सबसे ज्यादा यकीन दिलाया,
उसी ने सबसे गहरा घाव दिया।
तूने कहा था मैं तेरी जरूरत हूँ,
आज लगता है वो भी झूठा सुरूर था,
जरूरतें बदलती रहीं तेरी शायद,
और मैं सिर्फ एक पुराना दस्तूर था।
भरोसा टूटे तो आवाज नहीं होती,
पर अंदर बहुत शोर होता है,
चेहरा मुस्कुराता रहता है बाहर,
और दिल अंदर से कमजोर होता है।
तेरे जाने का दुख उतना नहीं था,
जितना तेरे धोखे का असर था,
क्योंकि साथ छोड़ना आसान था,
पर विश्वास तोड़ना सबसे बड़ा जहर था।
मैंने तुझ पर आँख बंद कर भरोसा किया,
तूने मुझे ही गलत साबित किया,
अब सबक मिल गया जिंदगी से,
कि हर अपना अपना नहीं होता।
रिश्तों की नींव सच्चाई पर रखी थी,
हमने हर बात साफ-साफ रखी थी,
पर तूने सच छुपाकर जो किया,
उसने सारी मेहनत राख कर दी थी।
तूने मेरे भरोसे को तोड़ दिया ऐसे,
जैसे वो कोई मामूली चीज़ थी,
पर मेरे लिए वही रिश्ता,
मेरी पूरी दुनिया की नींव थी।
अब ना शिकायत है तुझसे कोई,
ना कोई सवाल बाकी है,
बस दिल ने तुझे वहीं छोड़ दिया,
जहाँ से तूने मुझे छोड़ा था कभी।
मैंने हर बार तुझे मौका दिया,
हर गलती को नजरअंदाज किया,
पर तूने मेरी चुप्पी का फायदा उठाया,
और मेरे विश्वास को ही सजा दिया।
जो लोग सच्चे होते हैं,
वो जल्दी टूट जाते हैं,
क्योंकि वो दूसरों को भी,
अपने जैसा ही समझ जाते हैं।
अब सीख लिया है संभलकर चलना,
हर किसी से दिल की बात ना करना,
क्योंकि दुनिया में सबसे आसान काम है,
किसी के विश्वास को तोड़ देना।
कितना आसान था तेरे लिए मुड़ जाना,
और कितना मुश्किल था मेरे लिए संभल पाना,
तूने तो बस रिश्ता बदला था,
मैंने तो अपना पूरा विश्वास खोया था।
जिसे अपना कहकर हर खुशी बाँटी थी,
उसी ने मेरी ही पीठ पीछे चाल चली थी,
अब समझ आया कि हर मुस्कान सच्ची नहीं होती,
कुछ मुस्कानें बस भरोसा जीतने के लिए होती हैं।
तूने कहा था कभी झूठ नहीं बोलोगे,
मेरे दिल को कभी यूँ नहीं तोड़ोगे,
आज तेरे ही शब्द मुझे चुभते हैं,
क्योंकि तूने वादा निभाया नहीं, बस मोड़ोगे।
रिश्ते की किताब में सबसे जरूरी पन्ना विश्वास होता है,
जब वही फट जाए तो पूरा किस्सा अधूरा होता है,
तूने सोचा होगा नया सफर आसान होगा,
पर मेरे लिए तो हर रास्ता अब वीरान होता है।
मैंने तुझे खुद से भी ज्यादा चाहा था,
तेरे हर दर्द को अपना माना था,
पर तूने ही साबित कर दिया,
कि मेरा भरोसा तेरे लिए बस बहाना था।
तेरी हर बात को सच समझा,
हर शक को दिल से दूर रखा,
पर जब सच सामने आया,
तो खुद से ही नजरें मिलाना मुश्किल लगा।
विश्वास का रिश्ता कांच जैसा होता है,
एक दरार भी साफ दिखाई देती है,
तूने तो उसे तोड़कर रख दिया,
अब हर टुकड़ा दिल में चुभता रहता है।
तूने साथ निभाने की कसम खाई थी,
हर मुश्किल में हाथ पकड़ने की बात कही थी,
आज वही हाथ किसी और के साथ है,
और मैं अपनी तन्हाई के साथ खड़ा हूँ।
दिल से निभाया था ये रिश्ता,
हर हाल में तुझे ही चाहा था,
पर तूने ही राह बदल ली,
जब मैंने तुझ पर सबसे ज्यादा भरोसा किया था।
तूने मेरे सच्चे प्यार को हल्के में लिया,
मेरे विश्वास को भी खेल में लिया,
अब जब तुझे सच्चाई समझ आएगी,
तब शायद मैं तेरी दुनिया में नहीं रहूँगा।
रिश्तों की दुनिया में सबसे कीमती चीज़ भरोसा होता है, और जब वही टूटता है तो इंसान अंदर से बिखर जाता है। विश्वास पर धोखा शायरी सिर्फ शब्दों का मेल नहीं है, बल्कि उन एहसासों की आवाज़ है जिन्हें लोग अक्सर दिल में छुपा लेते हैं। जब कोई अपना ही विश्वास तोड़ देता है, तब यही विश्वास पर धोखा शायरी हमारे दर्द को सही तरीके से बयां करने का सहारा बनती है।




