अगर आपने कभी किसी अपने से धोखा खाया है या किसी के बदलते चेहरे को करीब से देखा है, तो यहाँ आपको दोगले लोगों पर शायरी मिलेगी जो आपके मन की बात कह देगी। ये शायरी सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, महसूस करने के लिए है। आप इन्हें अपने स्टेटस में लगा सकते हैं, दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं या बस चुपचाप पढ़कर अपने दिल को हल्का कर सकते हैं। यहाँ लिखी हर पंक्ति में एक सच्चाई है, एक अनुभव है, जो शायद आपकी कहानी से भी जुड़ा हो।
दोगले लोगों पर शायरी
चेहरे पर मासूमियत और दिल में चालाकी रखते हैं,
ऐसे लोग अक्सर अपने मतलब के लिए ही रिश्ते रखते हैं।
सामने मुस्कान और पीछे वार करने की आदत है,
दोगले लोगों की यही सबसे बड़ी हकीकत है।
वक्त आने पर रंग बदल लेना जिन्हें आता है,
वही लोग सबसे पहले भरोसा तोड़ जाते हैं।
बातें बड़ी वफादारी की करते हैं हर बार,
लेकिन मौका मिलते ही बदल लेते हैं किरदार।
जिन पर सबसे ज्यादा भरोसा किया था,
वही लोग सबसे पहले पराया कर गए।
मीठी जुबान में जहर छुपा होता है अक्सर,
दोगले लोग इसी अंदाज़ में दिल दुखा देते हैं।
सामने दोस्ती, पीछे नफरत का खेल,
ऐसे लोगों से दूर रहना ही है बेहतर मेल।
हर मुस्कुराता चेहरा सच्चा नहीं होता,
कुछ लोग सिर्फ दिखावे का रिश्ता निभाते हैं।
भरोसा करके हमने गलती कर दी,
दोगले इंसानों को अपनी दुनिया में जगह दे दी।
जो हर किसी के साथ अलग चेहरा लगाते हैं,
वही लोग असल में सबसे ज्यादा डराते हैं।
दिल से अपनाया था जिन्हें कभी,
उन्होंने ही सबसे गहरा जख्म दिया।
रिश्तों की कदर जिनको नहीं होती,
वही लोग सबसे ज्यादा कसमें खाते हैं।
सच सुनकर जो मुंह मोड़ लें,
समझ लेना वही लोग असली रंग दिखा रहे हैं।
जो सामने तारीफ और पीछे बुराई करें,
उनसे दूरी ही सबसे बड़ी समझदारी है।
दोगलापन अब आदत बन चुका है लोगों की,
सच्चाई तो बस किताबों में रह गई है।
मतलब के रिश्ते ज्यादा दिन नहीं चलते,
सच्चाई एक दिन चेहरा दिखा ही देती है।
हर बार माफ किया हमने,
और हर बार उन्होंने वही गलती दोहराई।
दिल साफ हो तो डर नहीं होता,
दोगले लोग ही सबसे ज्यादा सफाई देते हैं।
वक्त ने सिखा दिया पहचानना,
कौन अपना है और कौन सिर्फ दिखावा।
जो लोग हर जगह अपना रंग बदलते हैं,
वो कभी किसी के सगे नहीं होते।
झूठ की उम्र ज्यादा लंबी नहीं होती,
सच्चाई एक दिन सामने आ ही जाती है।
दोगले लोग अक्सर भीड़ में मिलते हैं,
पर सच्चे लोग कम ही दिखाई देते हैं।
भरोसा टूटे तो आवाज नहीं होती,
मगर दर्द बहुत गहरा होता है।
हर रिश्ता दिल से निभाया हमने,
पर सबने दिल से निभाया नहीं।
जो लोग फायदा देखकर करीब आएं,
वो वक्त बदलते ही दूर चले जाते हैं।
असली चेहरे वक्त पर ही नजर आते हैं,
वरना लोग तो नकाब में ही रहते हैं।
दोगलेपन की दुनिया में सच्चाई कमजोर लगती है,
लेकिन अंत में जीत उसी की होती है।
मीठी बातें और झूठे वादे,
यही है कुछ लोगों की असली कमाई।
जो अपने नहीं होते,
वही सबसे ज्यादा अपनापन दिखाते हैं।
हमने सच्चाई चुनी,
इसलिए कई दोगले लोग हमसे दूर हो गए।
रिश्ता निभाना हर किसी के बस की बात नहीं,
कुछ लोग सिर्फ दिखावा करना जानते हैं।
जो हर किसी के साथ बदल जाए,
उस पर भरोसा कभी मत करना।
चेहरे पढ़ना सीख लिया है अब,
क्योंकि शब्दों पर भरोसा टूट चुका है।
दोगले लोग पहले दिल जीतते हैं,
फिर उसी दिल को तोड़ जाते हैं।
सच्चे लोग कम बोलते हैं,
दोगले लोग ज्यादा सफाई देते हैं।
झूठ की चमक थोड़ी देर की होती है,
सच्चाई की रोशनी हमेशा रहती है।
जो वक्त पर साथ न दे सके,
वो कभी अपना नहीं हो सकता।
दोस्ती में दोगलापन सबसे बड़ा जहर है,
जो धीरे-धीरे सब खत्म कर देता है।
हर हंसता चेहरा खुशी की निशानी नहीं,
कभी-कभी वो सिर्फ दिखावा होता है।
दोगले लोग आईने से भी डरते हैं,
क्योंकि वहां असली चेहरा दिखता है।
जो लोग हर किसी के सामने अलग कहानी सुनाते हैं,
वही असल में अपने किरदार से सबसे ज्यादा भागते हैं।
भरोसा तो हमने आंख बंद करके किया था,
पर उन्होंने ही सबसे पहले आंखें फेर लीं।
दोगले लोग रिश्तों को सीढ़ी की तरह इस्तेमाल करते हैं,
मंज़िल मिलते ही पहचानना भी छोड़ देते हैं।
सामने से अपनापन और पीछे से साजिश,
यही कुछ लोगों की असली राजनीति है।
दिल से निभाना चाहा हर रिश्ता हमने,
मगर उन्होंने हर रिश्ते में फायदा ही ढूंढा।
जो हर बात में कसम खाते हैं,
अक्सर वही सबसे पहले मुकर जाते हैं।
वक्त ने बहुत कुछ सिखा दिया,
खासकर लोगों के असली चेहरे पहचानना।
जो लोग आपकी खुशी में शामिल न हों,
उनसे अपने गम की उम्मीद भी मत रखना।
दोगले इंसान आईने की तरह नहीं होते,
वो जरूरत के हिसाब से चेहरा बदलते हैं।
हमने दिल से दोस्ती निभाई,
उन्होंने दिमाग से खेल खेला।




